छात्र संघर्ष समिति का संघर्ष रंग लाया, केवीएस कॉलेज में ताला बंदी धरना सफल, 7 मांगों पर बनी सहमति।
रिपोर्ट:- मिथिला तक न्यूज
मधुबनी / बेनीपट्टी
अनुमंडल क्षेत्र के उच्चैठ स्थित केवीएस कॉलेज में नामांकन के दौरान कथित अवैध वसूली एवं अन्य समस्याओं को लेकर छात्र संघर्ष समिति द्वारा शुक्रवार को ताला बंदी धरना दिया गया। धरना सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ और लगभग दो घंटे तक चला।

धरना के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए कॉलेज प्रशासन वार्ता के लिए आगे आया। छात्र संघर्ष समिति की 5 सदस्यीय टीम के साथ हुई वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई।
वार्ता के दौरान प्रस्तुत मांग पत्र पर विचार करते हुए प्रशासन ने 7 प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया। सहमति के अनुसार स्नातक स्तर तक विशेषकर SC/ST वर्ग के छात्रों और सभी वर्ग के छात्राओं से नामांकन में CIA ( आंतरिक परीक्षा ) का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके साथ ही आंतरिक परीक्षा को नियमित एवं पारदर्शी ढंग से आयोजित करने, छात्राओं को गेट पास/पहचान पत्र समय पर उपलब्ध कराने, बंद पड़े शौचालयों को खोलकर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने पर सहमति बनी।
इसके अतिरिक्त छात्राओं के लिए कॉमन रूम की व्यवस्था, लाइब्रेरी में नई एडिशन की किताबों की उपलब्धता तथा महाविद्यालय में विश्वविद्यालय के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन भी प्रशासन द्वारा दिया गया।
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के महाविद्यालय अध्यक्ष सुजीत कुमार, सुधीर यादव, कन्हैया यादव, सतीश कुमार समेत अन्य ने किया। मौके पर मिथिलेश कुमार यादव ,आदर्श कुमार, आलोक रोशन, अजय कुमार यादव, सतीश कुमार, सुजीत कुमार, समित यादव, सतीश भंडारी, मोहम्मद कमल, सज्जन कुमार, पासवान अरुण कुमार, अजय कुमार, सुजीत शर्मा, सादिया फिरदौस, अविनाश कुमार, छात्राएं शालू कुमारी, प्रियांशु कुमार यादव, रिया कुमारी, खुशी कुमारी, सलोनी कुमारी, संध्या कुमारी, प्रीति कुमारी, प्रियंका कुमारी, मनीषा कुमारी समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
छात्र संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन हमेशा छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहा है और आगे भी करता रहेगा। उनका कहना था कि कॉलेज प्रशासन की मनमानी के खिलाफ यह आंदोलन किया गया था, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है।
वहीं, कॉलेज प्रशासन ने आश्वासन दिया कि छात्रों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और भविष्य में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं होने दी जाएगी।
