बंद पड़ी चीनी मिल को फिर से चालू करने और गन्ना किसानों का बकाया जल्द देने की उठाई मांग
रिपोर्ट:- मिथिला तक न्यूज
पटना/मधुबनी, 22 जुलाई।
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में मधुबनी की वर्षों से बंद पड़ी लोहट चीनी मिल का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया गया। मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक माधव आनंद ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए कहा कि लोहट चीनी मिल का पुनर्जीवन केवल एक उद्योग को फिर से शुरू करने का मामला नहीं, बल्कि हजारों गन्ना किसानों, मजदूरों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है।

सदन में विधायक ने कहा कि लोहट चीनी मिल बंद होने से मधुबनी और आसपास के क्षेत्रों के गन्ना किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों का वर्षों पुराना बकाया भुगतान अब भी लंबित है, जिससे उनकी स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों के बकाया का जल्द भुगतान कराया जाए और मिल को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
माधव आनंद ने कहा कि यदि लोहट चीनी मिल दोबारा संचालित होती है तो इससे न केवल गन्ना किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और पूरे मिथिला क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बिहार सरकार द्वारा सकरी और रैयाम चीनी मिलों को पुनः चालू करने की पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि लोहट चीनी मिल के संबंध में भी सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।
सदन के बाहर भी किसानों के हितों की लड़ाई जारी रखने का भरोसा दिलाते हुए विधायक ने कहा कि मधुबनी और मिथिला के विकास से जुड़े हर मुद्दे को वे पूरी मजबूती से उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और युवा मजबूत होंगे, तभी मिथिला और बिहार समृद्ध बनेंगे।
