मुहर्रम से पहले पुलिस छापेमारी पर बवाल, पुलिस टीम पर हमले की प्राथमिकी; वार्ड पार्षद ने लगाए बर्बरता के आरोप.
👉पुरानी बस स्टैंड में देर रात कार्रवाई के दौरान छह नामजद, पुलिस ने शराब सेवन व सरकारी कार्य में बाधा का लगाया आरोप; वार्ड पार्षद बोलीं- घर में तोड़फोड़ कर सीसीटीवी डीवीआर भी ले गई पुलिस।
रिपोर्ट:- मिथिला तक न्यूज
मधुबनी:-
नगर थाना क्षेत्र के पुरानी बस स्टैंड मोहल्ले में सोमवार देर रात छापेमारी के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हो गया। मामले में नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार के लिखित बयान पर छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना मिली थी कि पुरानी बस स्टैंड निवासी अर्जुन मंडल अपने सहयोगियों के साथ मुहर्रम के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने की योजना बना रहा है। सूचना के सत्यापन के लिए पुलिस टीम रात करीब 11 बजे उसके घर पहुंची। पुलिस का आरोप है कि दरवाजा खुलने के बाद अर्जुन मंडल और उसके परिजनों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि अर्जुन मंडल के मुंह से शराब की गंध आ रही थी। शराब जांच के लिए थाना चलने को कहने पर उसने और अन्य परिजनों ने विरोध किया।
प्राथमिकी के अनुसार इसी दौरान किसन राम भी वहां पहुंच गया और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की एवं मारपीट करने लगा। घटना में थानाध्यक्ष की उंगली में चोट लगने तथा एक सशस्त्र जवान के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि काफी मशक्कत के बाद अर्जुन मंडल और किसन राम को थाना लाया गया।
थाना में ब्रेथ एनालाइजर जांच के दौरान अर्जुन मंडल के शरीर में 145.5 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर तथा किसन राम के शरीर में 70.1 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर अल्कोहल पाए जाने का दावा किया गया है। बाद में दोनों की सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई, जहां शराब सेवन की पुष्टि होने की बात पुलिस ने कही है।
इस मामले में अर्जुन मंडल, किसन राम, सुमन मंडल, सोहन मंडल, अर्जुन मंडल की पत्नी और उसकी मां समेत छह लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। सभी के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला, मारपीट, धमकी और मद्य निषेध अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
वहीं वार्ड पार्षद रुम्मी देवी ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की। उनका कहना है कि घर के सदस्यों के मोबाइल फोन छीन लिए गए, तोड़फोड़ की गई तथा महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। रुम्मी देवी ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर को भी अपने साथ ले लिया, ताकि कार्रवाई के सबूत नष्ट किए जा सकें।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वहीं दोनों पक्षों के आरोपों के बाद घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।
