पीएमश्री विद्यालय नाहस-खंगरैठा में सुविधाओं का घोर अभाव, एक शिक्षक के भरोसे चल रही पढ़ाई
रिपोर्ट:- चन्द्र मोहन चौधरी, मिथिला तक न्यूज
मधुबनी:-
बिस्फी प्रखंड का पीएमश्री के लिए चयनित उच्च माध्यमिक विद्यालय नाहस-खंगरैठा आज भी मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। इस विद्यालय को बिस्फी डिग्री कॉलेज के पठन-पाठन के लिए भी चयनित किया गया है। वर्ष 2025 से यहां छठी से आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई शुरू हुई, लेकिन इन कक्षाओं के लिए अलग भवन की व्यवस्था अब तक नहीं हो सकी है।

विद्यालय में छठी से आठवीं तक की कक्षाएं एक पुराने अर्धनिर्मित भवन में किसी तरह संचालित की जा रही हैं। विद्यालय में कुल 290 छात्र नामांकित हैं, जबकि शिक्षकों की संख्या मात्र एक है। एक ही शिक्षक के भरोसे तीन-तीन कक्षाओं की पढ़ाई कराई जा रही है, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
यह विद्यालय क्षेत्र के दर्जनों गांवों के छात्रों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता है। पुराने और प्रतिष्ठित विद्यालय होने के कारण यहां बेहतर पढ़ाई की उम्मीद में बड़ी संख्या में छात्र नामांकन कराते हैं। लेकिन पीएमश्री विद्यालय के रूप में चयन होने के बावजूद अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रमोद झा ने बताया कि शिक्षक की नियुक्ति, अधूरे भवन की मरम्मत तथा नए भवन निर्माण की मांग को लेकर शिक्षा विभाग को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद विद्यालय में पढ़ाई जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है।
