मानवता की मिसाल: रात्रि गश्ती के दौरान पुलिस सार्जेंट ने दो युवकों को सुरक्षित 10 किलोमीटर दूर घर पहुंचाया
Madhubani
संवाददाता, नीतीश झा

मधुबनी जिले के आंध्रमठ थाना क्षेत्र में बीती रात मानवता और संवेदनशील पुलिसिंग की एक सराहनीय मिसाल देखने को मिली। फुलपरास अनुमंडल अंतर्गत रात्रि राउंड चेकिंग के दौरान सार्जेंट अमरेंद्र कुमार, जो कि मधुबनी पुलिस लाइन में सार्जेंट के पद पर कार्यरत हैं, ने अपने कर्तव्य से बढ़कर इंसानियत का परिचय देते हुए दो राहगीर युवकों की मदद की और उन्हें सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देर रात लगभग 1:00 बजे सार्जेंट अमरेंद्र कुमार मधुबनी क्षेत्र से रात्रि राउंड चेकिंग करते हुए गुजर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सड़क किनारे दो युवकों—राजेश और जगन्नाथ—को पैदल चलते हुए देखा। देर रात सुनसान सड़क पर युवकों को पैदल जाते देख उन्होंने सतर्कता दिखाते हुए अपनी पुलिस गाड़ी रोकी और दोनों से पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान युवकों ने बताया कि वे किसी निजी कार्य से बाहर गए थे और अब अपने घर भुतहा लौट रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रात्रि अधिक हो जाने के कारण उन्हें कोई वाहन नहीं मिला, जिसके चलते वे मजबूरी में पैदल ही 15 से 20 किलोमीटर की दूरी तय करने निकल पड़े थे। ठंड और रात के अंधेरे में लंबी दूरी पैदल तय करना उनके लिए जोखिम भरा हो सकता था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सार्जेंट अमरेंद्र कुमार ने तुरंत मानवीय निर्णय लिया। उन्होंने दोनों युवकों को अपनी पुलिस गाड़ी में बैठाया और सुरक्षित उनके घर भुतहा तक पहुंचाया। घर पहुंचने पर युवकों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस सार्जेंट के प्रति आभार जताया।

इस घटना से न केवल पुलिस की सकारात्मक छवि सामने आई है, बल्कि यह भी संदेश गया है कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की मदद के लिए हर समय तत्पर है। स्थानीय लोगों ने भी सार्जेंट अमरेंद्र कुमार और उनकी टीम के इस कार्य की सराहना करते हुए इसे सच्ची मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण बताया है।
ऐसे कार्य समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करते हैं और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को और सुदृढ़ करते हैं।