नवोदय की शिक्षा प्रणाली भारतीय स्कूली व्यवस्था में सदैव रही विशिष्ट: एडीएम मुकेश रंजन
हर्षोल्लास के बीच संपन्न हुआ जवाहर नवोदय विद्यालय रांटी में एल्युमनाई मीट ‘नास्टैल्जिया 2025’
मधुबनी।

जवाहर नवोदय विद्यालय की शिक्षा प्रणाली भारतीय स्कूली शिक्षा में सदैव विशिष्ट पायदान पर खड़ी रही है। ग्रामीण एवं वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में नवोदय विद्यालयों की भूमिका अतुलनीय रही है।
उक्त बातें मधुबनी के अपर समाहर्ता (एडीएम) मुकेश रंजन ने जवाहर नवोदय विद्यालय रांटी, मधुबनी के प्रांगण में आयोजित वार्षिक एल्युमनाई मीट ‘नास्टैल्जिया 2025’ समारोह के दौरान कही। कार्यक्रम का शुभारंभ एडीएम मुकेश रंजन ने प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार, आमना के राष्ट्रीय सचिव तेजनारायण, भूतपूर्व छात्र सह जीएसटी के उप आयुक्त सच्चिदानंद विश्वास, डीएमसीएच के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. रामाशीष यादव, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. विनय पाठक, बैंक प्रबंधक प्रवीण साहू एवं प्रोफेसर सुभद्रा कुमारी की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
एल्युमनाई मीट में नवोदय विद्यालय से पढ़कर देश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परचम लहराने वाले पूर्व छात्रों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने पूरे परिसर को उत्साह और गर्व से भर दिया। नृत्य, संगीत एवं पुरानी यादों को ताजा करने वाले कार्यक्रमों के बीच समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
इस अवसर पर एल्युमनाई द्वारा विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को उपहार देकर सम्मानित किया गया, वहीं प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एडीएम मुकेश रंजन ने कहा कि नवोदय विद्यालयों की संरचना में शासन, चयन प्रक्रिया, शिक्षण विधियां और संसाधनों का ऐसा संतुलन है, जिससे ग्रामीण छात्रों को उच्च शैक्षणिक उपलब्धि एवं सामाजिक उन्नति का अवसर मिलता है।

वहीं आमना के राष्ट्रीय सचिव तेजनारायण ने कहा कि नवोदय की शिक्षा प्रणाली हमें दूसरों से अलग पहचान देती है। योग्यता आधारित प्रवेश प्रणाली छात्रों में आत्मगौरव की भावना पैदा करती है और उत्कृष्ट शिक्षक व संसाधन इन संस्थानों को विशिष्ट बनाते हैं।
प्राचार्य डॉ. प्रमोद कुमार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नवोदय विद्यालय से निकलकर आज छात्र देश के विभिन्न राज्यों में डॉक्टर, इंजीनियर, प्रोफेसर, आईएएस एवं आईपीएस बनकर राष्ट्र सेवा कर रहे हैं। इस गौरवशाली परंपरा को और आगे बढ़ाना नवोदय परिवार का सतत प्रयास रहेगा।
मौके पर वरीय शिक्षक फैयाज अहमद, एम.के. पांडे, एस.के. पांडे, प्रशांत कुमार, अनिल कुमार, एस.के. झा एवं कृष्णकांत सहित अन्य शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।