भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: मधुबनी में जिला नियोजन पदाधिकारी और डाटा एंट्री ऑपरेटर रिश्वत लेते गिरफ्तार
सरोज कुमारी झा/ मधुबनी
मधुबनी
भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड अंतर्गत भूपट्टी चौक से जिला नियोजन पदाधिकारी मृणाल कुमार चौधरी और डाटा एंट्री ऑपरेटर राहुल कुमार को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया।

ब्यूरो की टीम ने दोनों को सुबह करीब 10:30 बजे उस समय पकड़ा, जब वे वैशाली जिले के निवासी नीतीश मोहन से कुल ₹30,000 की रिश्वत ले रहे थे। इसमें पदाधिकारी मृणाल कुमार चौधरी ₹20,000 और ऑपरेटर राहुल कुमार ₹10,000 की मांग कर रहे थे।
शिकायतकर्ता नीतीश मोहन की संस्था “कल्पवृक्ष सेवा आश्रम” मधुबनी DRDA कार्यालय के समीप संचालित है। संस्था से जुड़े एक जांच प्रकरण के निपटारे के एवज में दोनों नियोजन कर्मियों ने घूस मांगी थी। इस पर उन्होंने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना से शिकायत की। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद टीम ने ट्रैप योजना बनाई और दोनों को रंगेहाथ धर दबोचा।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक अमरेंद्र विद्यार्थी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की और बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश गया है।

मधुबनी जिले में यह पिछले तीन महीनों में तीसरा मौका है, जब किसी सरकारी पदाधिकारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया है।
केस 1 :
कुछ सप्ताह पूर्व निगरानी टीम ने मधुबनी के रहिका अंचल कार्यालय में कार्रवाई करते हुए अंचल अधिकारी (CO) और नाजिर को गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता से रिपोर्ट के एवज में कुल ₹30,000 की रिश्वत मांगी गई थी। टीम ने योजना बनाकर दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।
केस 2 :
इसके अलावा निगरानी विभाग की टीम ने जिला उद्योग केंद्र, मधुबनी में कार्यरत कर्मचारी मोहम्मद मुसाहिद (उद्योग मित्र) को ₹15,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उद्योग योजना अंतर्गत स्वीकृत ऋण की राशि का भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए आरोपी घूस मांग रहा था।