मधुबनी में राजद का एकदिवसीय धरना: सुखाग्रस्त घोषित करने से लेकर कानून-व्यवस्था सुधार तक मांगें
मधुबनी, 11 अगस्त –

मधुबनी जिला समाहरणालय के समक्ष सोमवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के बैनर तले एकदिवसीय धरना आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष रामाशीष यादव ने किया, जबकि संचालन वीर बहादुर राय ने संभाला। धरने में पूर्व सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, पंचायत प्रतिनिधि, महिला, अल्पसंख्यक, नौजवान और किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे माहौल जन-आंदोलन जैसा दिखाई दे रहा था।
धरने का मुख्य उद्देश्य जिले से जुड़े तात्कालिक और गंभीर मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। सबसे प्रमुख मांग मधुबनी को सुखाग्रस्त घोषित करने की रही। विधायक समीर कुमार महासेठ ने कहा कि जिले के कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है, जिसका तत्काल समाधान जरूरी है। उन्होंने कृषि सिंचाई व्यवस्था में सुधार की भी मांग की।
लौकहा विधायक भरत भूषण मंडल ने सामाजिक न्याय के मुद्दे पर दलितों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही। उन्होंने जिले में बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही 71,000 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी उठाई।
रामकुमार यादव ने यातायात समस्या का मुद्दा उठाते हुए बताया कि नरहिया एनएच-27 से चतरापट्टी होते हुए कुपहा जाने वाली प्रधानमंत्री सड़क के निर्माण के दौरान अलोला गांव में पुल टूटने के बाद से वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया गया है, जिससे यातायात बाधित है। उन्होंने वहां डाइवर्जन बनाकर यातायात बहाल करने और शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग रखी।
महिला जिलाध्यक्ष रेणु यादव ने पश्चिमी कोसी नहर और कमला किन्स केनाल से पटवन की व्यवस्था सुनिश्चित करने, रैयाम, सकरी और लोहट चीनी मिल को पुनः चालू करने तथा कृषि आधारित नए उद्योग स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि इससे न केवल किसानों को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
धरने में विधायक समीर कुमार महासेठ, भरत भूषण मंडल, पूर्व विधायक सीताराम यादव, महिला जिलाध्यक्ष रेणु यादव, पूर्व सांसद सुरेन्द्र प्रसाद यादव और राष्ट्रीय परिषद सदस्य हनुमान प्रसाद राउत सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।