तीन किशोरियों की डूबने से मौत, रहिका में मचा कोहराम

तीन किशोरियों की डूबने से मौत, रहिका में मचा कोहराम – ग्रामीणों ने अस्पताल की कुव्यवस्था के खिलाफ किया सड़क जाम, प्रशासन ने दी मुआवजा 

मधुबनी, रहिका –

       घटना के बाद अस्पताल में ग्रामीणों की भीड़

रहिका थाना क्षेत्र के मजरही फाटक के पास स्थित सहायक कमला नदी में शुक्रवार दोपहर को तीन किशोरियों की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब कुछ लड़कियाँ खेत की ओर जा रही थीं और मस्ती के दौरान नदी में छलांग लगा बैठीं। इसी दौरान रानी परवीन (13), आसरीन परवीन (13) और नाफिया खातून (12) गहरे पानी में डूबने लगीं। साथ गई अन्य लड़कियों के शोर मचाने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तत्परता दिखाते हुए नदी में कूदकर तीनों को बाहर निकाला।

स्थानीय ग्रामीणों ने बच्चियों को गंभीर स्थिति में पीएचसी रहिका पहुंचाया, लेकिन अस्पताल में ऑक्सीजन और पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा के अभाव में उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

मृत बच्चियों की पहचान रानी परवीन (पिता – मो. इसराइल), आसरीन परवीन (पिता – अब्दुल नदाफ) और नाफिया खातून (पिता – मो. मुस्ताक) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

 आक्रोशित ग्रामीणों के द्वारा जयनगर-दरभंगा पथ जाम

घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने पीएचसी रहिका की बदहाल व्यवस्था और लापरवाही के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए रहिका–दरभंगा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि अस्पताल में एक ही डॉक्टर मौजूद थे और ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं थी। यदि समय पर इलाज मिलता तो शायद बच्चियों की जान बचाई जा सकती थी।

सूचना पाकर मौके पर पहुंचे रहिका थाना प्रभारी और अंचलाधिकारी सुरेश कुमार ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण पीएचसी प्रभारी पर कार्रवाई और अस्पताल की व्यवस्था में सुधार की मांग पर अड़े रहे।

जिप सदस्य उमर अंसारी ने भी अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ऑक्सीजन की उपलब्धता होती तो बच्चियाँ आज जीवित होतीं। वहीं, डॉ. अभिषेक कुमार ने बताया कि एक बच्ची को मृत अवस्था में लाया गया था, जबकि दो अन्य को भी मृत घोषित किया गया।

          पीड़ित परिवार को मुआवजा देते हुए प्रशासन

घटना के बाद अनुमंडल पदाधिकारी चंदन झा और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित कुमार ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवारों को आर्थिक मुआवजा 4 – 4 लाख रुपया प्रदान करते हुए हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद जाम हटाया गया और स्थिति सामान्य हुई।

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