पूर्व एमएलसी विनोद कुमार सिंह की कांग्रेस में वापसी पर मधुबनी में सम्मान समारोह, सरकार और प्रशासन पर बोला तीखा हमला
मधुबनी, 5 अगस्त 2025 —

पूर्व विधान पार्षद (MLC) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता रहे विनोद कुमार सिंह की कांग्रेस में वापसी पर मंगलवार को मधुबनी कांग्रेस कार्यालय में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस जिलाध्यक्ष सूबोध मंडल ने की। इस मौके पर जिले के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने कांग्रेस में एक पुराने नेता की वापसी को नई ऊर्जा का प्रतीक बताया।
जिलाध्यक्ष सूबोध मंडल ने अपने संबोधन में कहा, “विनोद सिंह जैसे अनुभवी और जमीनी नेता का कांग्रेस में लौटना संगठन के लिए बेहद लाभकारी है। उनका मार्गदर्शन हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा बनेगा। हम राहुल गांधी के नेतृत्व में यह संकल्प लेते हैं कि मधुबनी की सभी दस विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का परचम लहराएंगे।”
विनोद कुमार सिंह ने जदयू छोड़ने के फैसले की वजहों को विस्तार से रखते हुए कहा कि पार्टी में अब कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने कहा, “18 जुलाई को मैंने जदयू से इस्तीफा दे दिया, क्योंकि अब वहां लोकतंत्र नहीं, अफसरशाही हावी हो चुकी है। पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीधे मुलाकात हो जाती थी, लेकिन पिछले 14–15 महीनों से अपॉइंटमेंट लेने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था। अब यह अफसर तय करते हैं कि मुख्यमंत्री से कौन मिलेगा और कौन नहीं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि 30 अगस्त को रिटायर होने वाले मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा है जो दलित समाज से हैं और मुख्य सचिव के रिटायर्ड होने के एक दिन पहले या एक से दो दिन बाद मुख्य सचिव की नियुक्ति होती है लेकिन उनके रिटायर होने से पहले ही 3 अगस्त को प्रत्यय अमृत को OSD बनाकर मुख्य सचिव का कार्यभार सौंप दिया गया और उनके अधिकार को छीन लिया गया है। इससे साफ है कि सरकार में लोकतांत्रिक प्रक्रिया खत्म हो गई है और अफसरशाही का बोलबाला है।”
विनोद सिंह ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, “बिहार की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि शाम के बाद आम लोग घर से बाहर निकलने से डरते हैं। राजधानी पटना में स्थित पारस हॉस्पिटल के ICU में घुसकर हत्या कर दी जाती है। ये घटना बताती है कि राज्य में अपराधियों का मनोबल कितना बढ़ गया है।”
उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और कहा, “सरकार ने मुझे अंगरक्षक तो दे दिया है, लेकिन जब मैं मरीज से मिलने अस्पताल जाता हूं तो अंगरक्षक को नीचे रोक दिया जाता है। ऊपर वार्ड में कौन सी सुरक्षा है? क्या मेरी हत्या नहीं हो सकती?”
उन्होंने सवाल उठाया कि “दो दिन बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार के सीतामढ़ी दौरे पर आ रहे हैं, क्या वह कानून-व्यवस्था पर कोई टिप्पणी करेंगे? आज सरकार दावा करती है कि 24 से 72 घंटे में अपराधियों को पकड़ लेते हैं। लेकिन क्या सही अपराधी पकड़े जा रहे हैं? क्या यह साबित हो पाया है कि हत्या किसने और क्यों की? पुलिस अब तक किसी भी बड़े मामले का खुलासा नहीं कर सकी है।”

सिंह ने आरोप लगाया कि “आज सरकार डीके बोस के इशारे पर चल रही है। ट्रांसफर और पोस्टिंग खुलेआम सौदेबाजी का जरिया बन गई है। अफसरशाही पूरी तरह व्याप्त हो गई है और चुने हुए जनप्रतिनिधि हाशिए पर हैं।”
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, “मैं कांग्रेस की विचारधारा से प्रेरित होकर पार्टी में लौटा हूं। राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष जैसे नेताओं की नीतियों और मेहनत ने मुझे प्रभावित किया है। अब मेरा लक्ष्य है कांग्रेस को मजबूत बनाना और जनता की आवाज को मजबूती से उठाना।”
इस सम्मान समारोह में जिलाध्यक्ष सुबोध मंडल,डिप्टी मेयर अमानुल्लाह खान , पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज मिश्रा ,वासुदेव झा ,टेक नाथ पाठक लक्ष्मण मंडल बबीता चौरसिया, जमील अंसारी ,मुन्ना खान ,सुजीत मिश्रा, रहमान साहब , देवकांत सिंह, संतोष शैलेंद्र, शत्रुघ्न सिंह इत्यादि उपस्थित थे