संदीप यूनिवर्सिटी सिजौल में लॉ स्कूल की शुरुआत, मुख्य अतिथि रहीं जिला जज अनामिका टी
मिथिला में विधिक शिक्षा के नए युग का हुआ शुभारंभ

सिजौल (मधुबनी), 3 अगस्त — संदीप यूनिवर्सिटी, सिजौल में रविवार को विधिक शिक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए स्कूल ऑफ लॉ की विधिवत शुरुआत की गई। इस अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में मुख्य अतिथि जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री अनामिका टी. ने लॉ स्कूल का उद्घाटन किया। उन्होंने ‘गुरु-शिष्य परंपरा’ की महत्ता को रेखांकित करते हुए मिथिला में विधिक शिक्षा की शुरुआत को गौरवपूर्ण क्षण बताया।
उन्होंने कहा, “मिथिला शिक्षा और संस्कृति की धरती रही है। यहां लॉ स्कूल की स्थापना युवाओं को न्यायिक क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देगी और समाज में न्याय के प्रति जागरूकता को सशक्त बनाएगी।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संदीप यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. संदीप एन. झा ने अपने उद्बोधन में शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की बात कही। उन्होंने कहा, “अगर हमारे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध हो, तो छात्रों को पलायन नहीं करना पड़ेगा। यह लॉ स्कूल उसी दिशा में एक ठोस कदम है।”
तीन विधि पाठ्यक्रमों की शुरुआत
भारतीय विधि परिषद (Bar Council of India) से मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में अब निम्नलिखित विधिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होगी:
बी.ए. एलएल.बी. (5 वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम),बी.बी.ए. एलएल.बी. (5 वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम),एलएल.बी. (3 वर्षीय स्नातक उपरांत पाठ्यक्रम)
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
समारोह में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में श्री जय किशोर दूबे (प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय), श्री पाठक आलोक कौशिक (जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश) और श्री दिवानंद झा (न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी) मौजूद रहे। सभी अतिथियों का परंपरागत मिथिला पाग और दोपटा से स्वागत किया गया।
समाज को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता
डॉ. झा ने बताया कि विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम, अनुभवी फैकल्टी, और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, उन्होंने यह भी साझा किया कि विश्वविद्यालय को NAAC से जून 2025 में B++ ग्रेड प्राप्त हुआ है, जिससे यह बिहार का तीसरा सर्वोच्च CGPA प्राप्त करने वाला निजी विश्वविद्यालय बन गया है।
संदीप यूनिवर्सिटी फिलहाल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, मैनेजमेंट, शिक्षा, कृषि और लाइब्रेरी साइंस जैसे क्षेत्रों में शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित कर रहा है।
समारोह का समापन कुलपति डॉ. समीर कुमार वर्मा के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। उन्होंने इस पहल को विधिक शिक्षा के क्षेत्र में मिथिला के लिए मील का पत्थर बताया।