*मधुबनी में पंचायत विकास सूचकांक 2.0 प्रशिक्षण कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
*डीएम आनंद शर्मा ने किया दीप प्रज्वलित, ग्राम पंचायतों के सतत विकास हेतु नई दिशा
मधुबनी,
जिला प्रशासन द्वारा पंचायतों की कार्यक्षमता और आत्ममूल्यांकन को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सोमवार को पंचायत विकास सूचकांक 2.0 (PDI 2.0) के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में बताया कि PDI 2.0 भारत सरकार की एक उन्नत मापन प्रणाली है, जिसका उद्देश्य ग्राम पंचायतों के सतत और समग्र विकास का मूल्यांकन करना है। यह सूचकांक नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) पर आधारित है तथा सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय एवं प्रशासनिक क्षेत्रों को शामिल करता है।
PDI 2.0 के अंतर्गत 9 मुख्य क्षेत्र और 60 से अधिक उप-संकेतक शामिल किए गए हैं, जो ग्राम पंचायतों को योजना निर्माण, निष्पादन और निगरानी में सहयोग करते हैं। इनमें गरीबी उन्मूलन, भूखमुक्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, जल-स्वच्छता, स्वच्छ ऊर्जा, एवं सुशासन प्रमुख हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंडों से पंचायत समिति प्रमुख, बीपीआरओ, कार्यपालक सहायक सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया।
उप विकास आयुक्त नीरज कुमार एवं अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी रूपेश रॉय ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला और पंचायत प्रतिनिधियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन डीपीआरसी के नोडल पदाधिकारी श्री विकास कुमार मिश्रा ने किया, जबकि श्री रजनीश कुमार, श्री कमलेश कुमार, श्री नन्द लाला, समेत कई सह-प्रशिक्षकों ने PDI 2.0 की कार्यप्रणाली, संकेतक, रिपोर्टिंग और स्कोरिंग सिस्टम पर गहन जानकारी दी।

यह प्रशिक्षण पंचायतों को डेटा आधारित निर्णय, डिजिटल रिपोर्टिंग और पारदर्शिता की दिशा में सक्षम बनाएगा। इससे ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) की गुणवत्ता भी सुधरेगी।
डिजिटल डैशबोर्ड, स्व-मूल्यांकन प्रणाली, और रैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से यह सूचकांक ग्रामीण प्रशासन में एक क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है।