निगरानी ब्यूरो की ताबड़तोड़ कार्रवाई: रहिका अंचल के सीओ और नाजिर रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार

मधुबनी: भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को मधुबनी जिले के रहिका अंचल कार्यालय से अंचल अधिकारी (CO) और नाजिर को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है।
यह मामला निगरानी थाना कांड संख्या 47/25 से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राहुल कुमार झा, निवासी गोशाला रोड, मधुबनी ने निगरानी थाना, पटना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने एक जमीन की रजिस्ट्री हेतु आवेदन किया था। जिला निबंधन कार्यालय ने संबंधित जमीन की स्थिति पर रिपोर्ट के लिए रहिका अंचल से सूचना मांगी थी। जब शिकायतकर्ता इस रिपोर्ट के सिलसिले में अंचल कार्यालय पहुंचे, तो CO ने स्पष्ट रूप से एक लाख रुपये की मांग की और उन्हें नाजिर आदित्य कुमार से संपर्क करने को कहा।

शिकायत के अनुसार, नाजिर ने CO के लिए 1 लाख रुपये और अपने लिए 15 हजार रुपये की मांग की। निगरानी ब्यूरो द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह पुष्ट हुआ कि नाजिर ने 17 हजार रुपये CO के लिए तथा 13 हजार रुपये अपने लिए मांगे थे।
इसके बाद निगरानी टीम ने जाल बिछाकर मंगलवार को कार्रवाई की। पहले नाजिर ने शिकायतकर्ता को आर.के. कॉलेज के पास स्थित एक मंदिर पर बुलाकर नकद राशि प्राप्त की। बाद में, CO के हिस्से की राशि उनके सरकारी आवास पर दी गई, जहां उन्होंने स्वयं 17 हजार रुपये रिश्वत के रूप में स्वीकार किए। तभी निगरानी टीम ने दोनों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के लिए दोनों आरोपियों को गवाहों के समक्ष जिला अतिथि गृह, मधुबनी लाया गया है। निगरानी विभाग ने बताया कि बुधवार को दोनों को निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई ने भ्रष्टाचार पर कड़ा संदेश देते हुए सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है।
निगरानी टीम से राजन कुमार सिंह डीएसपी, सब इंस्पेक्टर ऋषि कुमार, इंस्पेक्टर मुरारी प्रसाद आदि थे।