नगर भवन मधुबनी में 465 नवनियुक्त सिपाहियों को नियुक्ति पत्र वितरित, महिला सशक्तिकरण की दिखी सशक्त छवि
मधुबनी— नगर भवन मधुबनी में मंगलवार को एक गरिमामय समारोह का आयोजन कर 465 नवनियुक्त सिपाहियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस विशेष अवसर पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी गौरवपूर्ण बना दिया।

कार्यक्रम में इस बार महिला सशक्तिकरण की एक सशक्त झलक देखने को मिली। कुल नियुक्त सिपाहियों में से 238 महिलाएं थीं, जो उत्साह के साथ देश सेवा के लिए तैयार दिखीं। वहीं 227 पुरुष सिपाहियों को भी नियुक्ति पत्र सौंपा गया। कार्यक्रम के दौरान सभी नवनियुक्त सिपाहियों ने एक स्वर में शपथ लेकर संविधान, कानून और जनसेवा के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की।
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने सभी नवचयनित सिपाहियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा, “आज आप लोग नव निर्वाचित से नवनियुक्त हो गए हैं। अब आपके कंधों पर समाज की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने की ज़िम्मेदारी है। आपकी सजगता के कारण ही आम जनता रात को निश्चिंत होकर सो पाती है। आप सभी को अपने इस दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करना होगा।”

पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने भी सिपाहियों को संबोधित करते हुए कहा, “यह पुलिस विभाग में आपके करियर की पहली सीढ़ी है। ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा ही आपकी सबसे बड़ी पूंजी होगी। आप सभी को हर परिस्थिति में धैर्य, संयम और समझदारी से काम लेना होगा। साथ ही, सोशल मीडिया के इस दौर में यह बहुत ज़रूरी है कि आप कोई ऐसा वीडियो या पोस्ट न डालें जो विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा सके या आपकी सेवा में बाधा उत्पन्न करे।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर गैरजिम्मेदाराना व्यवहार भविष्य में उनके विकास और छवि दोनों को प्रभावित कर सकता है, इसलिए सिपाहियों को संयम और सतर्कता के साथ अपने व्यक्तिगत आचरण को भी संवारने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान नगर भवन का वातावरण देशभक्ति और गर्व की भावना से ओत-प्रोत हो उठा। नवनियुक्त महिला सिपाहियों की संख्या और उनका आत्मविश्वास इस बात का प्रतीक था कि महिलाएं अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं, चाहे वह कानून-व्यवस्था जैसी चुनौतीपूर्ण सेवा ही क्यों न हो।

समारोह में उपस्थित अधिकारियों, परिजनों और आमजन ने नए सिपाहियों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस कार्यक्रम के माध्यम से न सिर्फ नए पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा, बल्कि यह समाज को एक सकारात्मक संदेश भी दे गया कि योग्य और प्रतिबद्ध युवा आज भी देश सेवा के लिए तैयार हैं।