आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और अनुशासन पर जोर, जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने दिए सख्त निर्देश

मधुबनी:-
जिलाधिकारी श्री आनंद शर्मा की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में एक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करना और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।
बैठक में जिलाधिकारी ने पोषाहार वितरण में पूर्ण पारदर्शिता और समयबद्धता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज बच्चों की हर माह ऊंचाई और वजन की माप लेकर उसे पंजी में दर्ज करने को अनिवार्य बताया। उन्होंने जोर दिया कि पोषण स्तर की निगरानी गंभीरता से की जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जिन आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालय और पेयजल की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से शीघ्र व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों पर नल-जल योजना और शौचालय सुविधा हर हाल में उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे स्वयं क्षेत्र भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने अधीनस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से केंद्रों के समय पर खुलने की गारंटी लें।

जिलाधिकारी ने पोषण ट्रैकर पर सभी आंकड़ों को समय पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया और कहा कि सभी महिला पर्यवेक्षिकाएं निरंतर भ्रमणशील रहकर केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखें।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी डॉ. ललिता कुमारी सहित जिले के सभी प्रखंडों की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी उपस्थित थीं।