मधुबनी में शिक्षकों ने मांगों को लेकर दिया एक दिवसीय धरना, सरकार की नीतियों पर जताई नाराज़गी

मधुबनी:-
परिवर्तनकारी प्रारम्भिक शिक्षक संघ मधुबनी के बैनर तले जिला समाहरणालय के समक्ष आज एक दिवसीय धरना का आयोजन किया गया। इस धरने की अगुवाई संघ के जिला अध्यक्ष विकास कुमार ने की, जबकि यह आयोजन प्रदेश अध्यक्ष सह विधान पार्षद श्री बंशीधर ब्रजवासी के नेतृत्व में राज्य स्तर पर लिए गए निर्णयों के आलोक में किया गया।
धरना में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए और सरकार से अपनी लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की अपील की। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में , डोमिसाइल नीति लागू करने,प्रोन्नति का लाभ शीघ्र देने, विशिष्ट शिक्षकों को सेवा निरंतरता, वेतन विसंगतियों का समाधान, HRMS ऑनबोर्डिंग की समस्याओं का निराकरण, चयनित प्रधानाध्यापकों की पदस्थापना और शनिवार को विद्यालय संचालन में पूर्व व्यवस्था की बहाली शामिल रही।
इसके अतिरिक्त शिक्षकों ने सभी कोटि के शिक्षकों को समय पर वेतन भुगतान, अप्रशिक्षित शिक्षकों को उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में योगदान और वेतन भुगतान शुरू करने, विशिष्ट शिक्षकों के वेतन निर्धारण, ई.पी.एफ.ओ. संबंधित लंबित अंशदान के त्वरित निपटान और विशिष्ट शिक्षकों की एग्जिट तिथि को संशोधित कर 01/03/2025 करने की भी मांग की।
धरना को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष ने सरकार की नीतियों की आलोचना की और शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज़ बुलंद की। मौके पर जिला कोर कमिटी के अन्य वक्ताओं ने भी बारी-बारी से अपनी बात रखी।
आंदोलन के बाद संघीय कोर कमिटी के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल—महा सचिव रघुनाथ यादव, संयोजक रंजन कुमार ठाकुर, मीडिया प्रभारी कपिल कुमार, कार्यालय सचिव श्याम कुमार एवं सह संयोजक विवेकानंद विकल—ने जिला पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा और सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की। विभागीय अधिकारियों ने मांगों पर विचार का आश्वासन दिया।

धरना में क्रांतिकारी शिक्षक साथियों कुमार पूजन, ओवैस अंसारी, अरुण कुमार पासवान, अनिल कुमार, मनोज मंडल, देवनारायण चौधरी, रणधीर कुमार यादव, प्रमोद कुमार, दिनेश राम, मनोज चौधरी, रामनाथ राम, भागीरथ ठाकुर, अनोज यादव समेत हज़ारों शिक्षकों ने हिस्सा लिया और आंदोलन को सफल बनाया।
धरना शांतिपूर्ण और प्रभावी रहा, जिससे जिला प्रशासन भी गंभीरता से मांगों पर विचार को बाध्य हुआ। शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा।