मधुबनी में दिसंबर 2022 में सदर एसडीओ व डीएओ के बीच हुए थप्परबाजी विवाद में एसडीओ पर हुई कार्रवाई

Madhubani:-
वर्ष 2022-23 में जिला कृषि पदाधिकारी के साथ मारपीट सहित अमर्यादित व्यवहार किए जाने के मामले में विभागीय स्तर से सदर एसडीओ अश्विनी कुमार के विरुद्ध निंदन की कार्रवाई की गई है। विभाग की ओर से की गई जांच में इनके ऊपर लगाए गए आरोप को सही पाया गया है। साथ ही सदर एसडीओ की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण को जांच अधिकारी सहित अन्य की ओर से व्यापक समीक्षा किए जाने के बाद इसे अस्वीकृत करते हुए कार्रवाई की गई है। वहीं सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव राजीव कुमार की ओर से इसे बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किए जाने व सभी संबंधितों को भेजे जाने का निर्देश दिया गया है।

DAO अशोक कुमार का फोटो
कार्रवाई संबंधित पत्र 7 जून को जारी किया गया है। साथ ही इसकी सूचना सार्वजनिक होने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी सहित कर्मियों में हर्ष का माहौल है। कृषि विभाग के कई अधिकारियों ने बताया कि जिस तरह का कृत्य किया गया था यह कृत्य प्रशासनिक महकमे के लिए बेहद ही शर्मसार करने वाला था। सरकारी सेवक होने के बाद जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ता है। इन जिम्मेदारियों के बीच कर्तव्य का निश्चित रूप से ज्ञान होना चाहिए। सरकारी सेवक को दिया गया संवैधानिक शक्ति का प्रयोग जनहित में किया जाना चाहिए न कि इसका दुरुपयोग कर इसका उद्दाम्म प्रदर्शन करना है। बताया कि जिस तरह का अपराध किया गया था उसके आलोक में कार्रवाई को शिथिल किया गया है।

एसडीओ अश्विनी कुमार का फोटो
2 दिसंबर 2022 को मामले को लेकर कृषि विभाग की ओर से की गई थी शिकायत :-
मालूम हो कि दिसंबर 2022 में खाद के अवैध भंडारण के सिलसिले में जांच करने गए सदर एसडीओ अश्विनी कुमार और तत्कालीन जिला कृषि पदाधिकारी अशोक कुमार के बीच तीखी नोंकझोंक सहित थप्परबाजी की बात सामने आई थी। इस मामले को लेकर 2 दिसंबर को कृषि विभाग की ओर से जांच कर कार्रवाई की जाने का पत्र दिया गया था। विभागीय निर्देश के आलोक में इसके लिए विभागीय स्तर से जांच के लिए बिकास आयुक्त बिहार को निर्देशित किया गया। विकास आयुक्त बिहार की ओर से दिए गए प्रतिवेदन में कहा गया कि डीएओ का चस्मा टूटना, एसडीओ के बॉडीगार्ड द्वारा सीसीटीवी का रिकॉर्डिंग का डीवीआर अपने साथ ले जाने का आरोप, राजनगर थाना प्रभारी द्वारा स्थिति तनावपूर्ण होना स्वीकार करना, पूर्व में सहायक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण तथा शिक्षा विभाग के पदाधिकारी द्वारा अभद्र व्यवहार करने संबंधी पत्र, अनुमंडल पदाधिकारी मधुबनी सदर के घटना क्रम में प्रयुक्त व्यवहार पर प्रश्नचिन्ह लगता है। साथ ही बताया गया कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य व घटना क्रम की सूक्ष्म समीक्षा के बाद उक्त घटना क्रम में अमर्यादित व्यवहार किए जाने से इंकार नहीं किया जा जा सकता है।
एसडीओ की ओर से स्पष्टीकरण के ज़बाब को कर दिया गया खारिज :-
विकास आयुक्त बिहार की ओर से प्रतिवेदन दिए जाने के बाद एसडीओ से स्पष्टीकरण की मांग की गई। इनकी ओर से दिए गए स्पष्टीकरण के जवाब में आरोप से इंकार कर दिया गया। तत्पश्चात घटना के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत एसडीओ व डीएओ के बीच वा एवं तनाव से संबंधित होने का हवाला दिया गया। साथ ही एसडीओ की ओर से वरीय अधिकारी के साथ अमर्यादित व्यवहार किए जाने का संचूतित किया गया। जांच प्रतिवेदन सहित अन्य साक्ष्यों को दृष्टिकोण करते हुए एसडीओ की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण के ज़बाब को खारिज करते हुए इनके विरुद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के संगत प्रावधानों के तहत निंदन (आरोप वर्ष 2022-23) की शास्ति अधिरोपित किए जाने का निर्णय लिया गया।