- माननीय उच्च न्यायालय के आदेश की अभेलना कर रहा आयुर्वेद अस्पताल:– आशुतोष दत्त
Darbhanga:-
आयुर्वेदिक अस्पताल दरभंगा द्वारा राज हॉस्पिटल के कमरे का अनाधिकृत रूप से कब्जा का प्रयास।
आज दिनांक 21/05/ 2024 को आयुर्वेदिक अस्पताल ,दरभंगा द्वारा महाराजा कामेश्वर सिंह मेमोरियल अस्पताल, कामेश्वर नगर, दरभंगा के प्रांगण में अवस्थित एक कमरा को जबरन कब्जा करने का प्रयास किया गया जिसका पुरजोर विरोध महाराजा कामेश्वर सिंह मेमोरियल अस्पताल के कर्मचारी , राज दरभंगा के कर्मी एवं स्थानीय लोगों के द्वारा किया गया।

विदित हो कि राज अस्पताल एवं आयुर्वेदिक हॉस्पिटल का मामला पटना उच्च न्यायालय कई वर्षों से लंबित है इस जगह पर न्यायालय के द्वारा दोनों पक्षों के लिए स्टे आर्डर लगा हुआ है इसके बावजूद आयुर्वेदिक अस्पताल द्वारा गैर कानूनी तरीके से राज अस्पताल के एक कमरे का अतिक्रमण करने का प्रयास किया गया । आयुर्वेदिक अस्पताल के प्राचार्य प्रशासन को गुमराह कर बार बार उनके द्वारा जानबूझकर माननीय पटना उच्च न्यायालय के आदेश का अवहेलना किया जा रहा है जो कि गैरकानूनी है। दरभंगा राज के सहायक प्रबंधक सह सचिव आशुतोष दत्त द्वारा बताया गया हैं कि राज अस्पताल एवं आयुर्वेदिक अस्पताल के बीच चल रहे विवाद में पटना उच्च न्यायालय के आदेश के बारे में विस्तृत रूप से उनको मौखिक एवम लिखित बताया गया एवं आयुर्वेदिक अस्पताल के इस गैर कानूनी कृत का पुरजोर विरोध किया गया कानून सभी के लिए बराबर है सारे दस्तावेज हमारे पास है अभी कोई फैसला नही लाया मामला लंबित है उसके बाद भी बार बार प्राचार्य शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास कर रहे जो कानूनून गलत है स्टेटे ऑफिसर प्रियांशु झा कहा की जब उक्त बिल्डिंग का किराया बिहार सरकार हमारे संस्था को देती है तो उसको किसी और संस्था जिसके खुद के अस्तित्व पे सवालिया निशान है वो संस्था बिना हमारी लिखित जानकारी के किसी और कैसे दे दिया जा सकता है ये अन्याय है कानून का माननीय उच्च न्यायालय का अभेलना है हम स्थानिया प्रशासन से मांग करते है की इसकी निष्पक्ष जांच की जाए अन्यता हम न्यायलय का दरवाजा खटखटाने को वाध्य है नगर विरोध होने की सूचना मिलते ही नगर थाना पहुँची हुई थी वहीं मौके विरोध कर रहें बोरा ठाकुर , वार्ड पार्षद सोनी पुरबे, वार्ड पार्षद मुकेश महासेठ,रोशन झा, निशांत तिवारी, संतोष सिंह, चंदन सिंह, रंजन शर्मा, विजय झा स्थानीय लोगों द्वारा सरकार से इस आयुर्वेदिक अस्पताल द्वारा राज अस्पताल के कमरे का जबरन कब्जा करने के प्रयास का विरोध किया गया एवं माननीय पटना उच्च न्यायालय के आदेश का अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का प्रशासन से अनुरोध किया गया।