*पैंक्रियाटाइटिस मरीज का दरभंगा में सफल सर्जरी ।
*अस्पताल के चेयरमैन डॉ राधाकृष्ण ने कहा- महानगरों में होने वाली सर्जरी को दरभंगा जिले में कम बजट में दे रहा हूं अंजाम ।

Darbhanga:-
दरभंगा के दिल्ली मोड़ स्थित श्री नारायण अस्पताल में पहली बार पैंक्रियाटाइटिस (अग्नाशय में संक्रमण) में पहली बार ओपन सर्जरी कर एक मिसाल कायम किया है।मिथिला ले लोग इस बीमारी से परेशान होकर महानगरों की चक्कर काटते थे। लेकिन जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नही होती वैसे लोग अपने जीवन से निराश होकर भगवान के भरोसे रहते। ऐसे में पैंक्रियाटाइटिस रोग से ग्रसित मरीज के लिए डॉ. राधाकृष्णन एक उम्मीद का किरण बनकर सामने आये है और इस रोग से ग्रस्त मरीजों का इलाज कर एक नई जीवन दे रहे हैं।
वही श्री नारायणी अस्पताल के चेयरमैन डॉक्टर राधाकृष्ण ने बताया कि पैंक्रियाटाइटिस से ग्रस्त मरीजों का इलाज की सुविधा अभी भी महानगरों में ही है। मैं महानगरों से पढ़ाई करने के बाद मैं दरभंगा में अपने अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध करा रहा हूं। साथ ही यह सर्जरी को दरभंगा जिले में कम बजट में भी अंजाम दे रहा हूं। पैंक्रियाटाइटिस का सफल ऑपरेशन महानगरों में 4 से 10 लाख के बीच होता है। मैं यह ऑपरेशन दरभंगा में केवल डेढ़ से तीन लाख के बीच कर रहा हूं।

वही पैंक्रियाटाइटिस से ग्रस्त मरीज बाबूबढ़ी निवासी विष्णु देव यादव ने कहा कि मैं देश के कई अस्पतालों में इलाज के लिए गया था। इस बीमारी का नाम सुनकर ही कई डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने से मना कर दिया। मैं अपने जीवन से हार मान चुका था। मैं अपने एक संबंधित के कहने पर श्री नारायणी अस्पताल इलाज के लिए आया। डॉ. राधाकृष्णन ने सफल ऑपरेशन कर मुझे एक नई जिंदगी दी है। इसके लिए मैं डॉ. राधाकृष्ण का आभारी हूं।
वही श्री नारायणी अस्पताल के चेयरमैन डॉक्टर राधाकृष्ण ने बताया कि पैंक्रियाटाइटिस से ग्रस्त मरीजों का इलाज की महानगर में इलाज कराने के दौरान इस ऑपरेशन के लिए 10 लाख से ज्यादा रुपए की मांग की जा रही थी, जो मेरे से दे पाना संभव नहीं था। डॉ. राधाकृष्णन ने केवल दो लाख रुपए में यह सर्जरी को अंजाम दिया है। प्रेसवार्ता में डॉ. प्रेरणा झा एवं श्री नारायणी अस्पताल के कर्मी मैजूद थे।

बाइट :-डॉ. राधाकृष्णन कुमार …..डॉक्टर
बाइट :- विष्णु देव यादव …..मरीज