बिहार में वेतन–पेंशन विवाद: पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने दी सफाई, कहा—“आरटीआई की जानकारी अधूरी”
Bihar :-

बिहार में इन दिनों विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन एवं पेंशन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक आरटीआई के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि कई नेताओं ने एक साथ वेतन और पेंशन का लाभ उठाया है। इसी सूची में नाम आने के बाद पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने अब खुलकर सफाई दी है।
नीतीश मिश्रा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि कुछ मीडिया चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आरटीआई के अधूरे तथ्यों को आधार बनाकर भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने स्वयं इस मामले में वरीय कोषागार पदाधिकारी से विस्तृत जानकारी मांगी थी. उसके जवाब में 8 दिसंबर 2025 को प्राप्त पत्र में यह बात स्पष्ट रूप से दर्ज है कि मुझे पूर्व विधायक पेंशन 22 सितंबर 2015 से 8 नवंबर 2015 (मात्र डेढ़ माह) तक मिला जिसके बाद पेंशन भुगतान बंद कर दिया गया. उक्त अवधि में मैं विधायक नहीं था. इसके बाद किसी भी प्रकार की पेंशन राशि का भुगतान मुझे नहीं किया गया है.”

उन्होंने लिखा,
“विभिन्न मीडिया चैनलों और सोशल मीडिया पर पेंशन से जुड़ी आरटीआई के माध्यम से अपूर्ण सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। हाल में एक आरटीआई के आधार पर यह दावा किया गया कि मैं पूर्व विधायक के रूप में पेंशन ले रहा हूं, जबकि यह जानकारी पूरी तरह गुमराह करने वाली और अधूरी है।”

पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि उनके बारे में फैलाई जा रही बातें वास्तविक तथ्यों से मेल नहीं खातीं और जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।