*मधुबनी नगर निगम में आपातकालीन सशक्त स्थाई समिति की बैठक
*एजेंसी हटाने और सफाई व्यवस्था नगर निगम के हाथों में लेने का सर्वसम्मति से निर्णय
*आपातकालीन सशक्त स्थाई समिति की बैठक में लिया गया ऐतिहासिक फैसला

मधुबनी, 24 जुलाई 2025
आज मधुबनी नगर निगम में एक आपातकालीन सशक्त स्थाई समिति की बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक मेयर अरुण राय की अध्यक्षता में मेयर कार्यालय में संपन्न हुई, जिसमें नगर आयुक्त अनिल कुमार चौधरी, उपमेयर अमानुल्लाह खान और समिति के सभी सदस्य – कैलाश सहनी, अरुण कुमार, आशीष कुमार झा, बिभा देवी, जमील अंसारी , प्रमिला देवी आदि सदस्य उपस्थित थे। बैठक का मुख्य एजेंडा शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर था, खासकर वर्तमान में कार्यरत एनजीओ एजेंसी के कार्यकाल और उसकी निष्क्रियता पर चर्चा केंद्रित रही।
समाप्त हो रहा एजेंसी का कार्यकाल, लचर व्यवस्था पर उठे सवाल:-
बैठक में नगर आयुक्त अनिल कुमार चौधरी ने जानकारी दी कि वर्तमान सफाई एजेंसी का अनुबंध 31 जुलाई को समाप्त हो रहा है। विभाग की ओर से यह निर्देश प्राप्त हुआ है कि राज्य स्तर पर सभी नगर निकायों के लिए एक समान आरएफपी (रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल) तैयार किया जाएगा, और भविष्य में उसी के आधार पर टेंडर निकाले जाएंगे। नगर पंचायत और नगर परिषदों का आरएफपी विभाग के द्वारा भेजा जा चुका है, लेकिन नगर निगम का आरएफपी अब तक लंबित है।
ऐसे में जब तक विभाग द्वारा आरएफपी को अंतिम रूप नहीं दिया जाता, तब तक मौजूदा एजेंसी को कार्य पर बनाए रखने का निर्देश था। लेकिन समिति के सदस्यों ने एजेंसी की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया। महापौर और आयुक्त द्वारा कई बार चेतावनी देने के बावजूद शहर में सफाई की स्थिति खराब बनी रही। कैनाल सफाई का कार्य भी एजेंसी ने अधूरा छोड़ा और सिर्फ जलकुंभी हटाकर खानापूर्ति की, जिसे बाद में नगर निगम द्वारा खुद संपन्न किया गया।
एजेंसी ने मांगी अंतिम मोहलत, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था:-
बैठक में यह भी बताया गया कि एजेंसी ने पूर्व में लिखित शपथपत्र दिया था कि वह आगे शिकायत का मौका नहीं देगा, अन्यथा उसे हटा दिया जाए। लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट निकली। एजेंसी को लेकर नगरवासियों और समिति सदस्यों की लगातार शिकायतें आती रहीं। इसी के मद्देनज़र समिति के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि यह एजेंसी नगर निगम क्षेत्र के नागरिकों के हित में कार्य करने में विफल रही है, अतः इसे अब कार्य पर नहीं रखा जाएगा।
तीन अहम प्रस्ताव पारित, अब सफाई नगर निगम के जिम्मे
बैठक में तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए:
1. विभागीय आदेश के अनुरूप आरएफपी के आधार पर ही भविष्य में टेंडर निकाला जाएगा।
जब तक आरएफपी विभाग द्वारा स्वीकृत नहीं किया जाता, कोई नया टेंडर जारी नहीं होगा।
2. नगर निगम खुद करेगा सफाई व्यवस्था का संचालन (अस्थाई रूप से)
जब तक नया टेंडर निष्पादित नहीं हो जाता, नगर निगम स्वयं सफाई व्यवस्था को संचालित करेगा। इसके लिए स्थानीय लेबरों की सूची तैयार की जाएगी। नगर निगम अपने संसाधनों – जैसे वाहन, ट्रैक्टर, जेसीबी आदि – का पूरा उपयोग करेगा।
आवश्यक संसाधनों का मूल्यांकन कर यह तय किया जाएगा कि कितने सफाईकर्मी, सुपरवाइज़र, मशीनें आदि की आवश्यकता है।
3. विभाग को निर्णय की तत्काल सूचना भेजी जाएगी।
बैठक में लिए गए निर्णयों की विधिवत सूचना जल्द से जल्द राज्य विभाग को भेजी जाएगी ताकि अगला कदम तेज़ी से उठाया जा सके।
महापौर अरुण राय का बयान:-

मेयर अरुण राय ने बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “अब सफाई की ज़िम्मेदारी नगर निगम खुद संभालेगा। एक शेड्यूल तैयार किया जाएगा जिससे शहर के प्रत्येक इलाके की नियमित सफाई हो सके। हम सभी शहरवासियों से अपील करते हैं कि नगर निगम को सहयोग दें ताकि हमारा नगर स्वच्छ और सुंदर बन सके। आने वाले अतिथि जब मधुबनी आएं तो साफ-सफाई देखकर गर्व हो कि यह हमारा नगर है।”
नगर निगम की यह पहल न केवल प्रशासनिक चुस्ती को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट संकेत देती है कि अब सफाई व्यवस्था में लापरवाही को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में नगर निगम द्वारा किए जाने वाले इन प्रयासों का असर सीधे तौर पर शहर की स्वच्छता और आमजन की दिनचर्या पर पड़ेगा।