सावन की पहली सोमवारी पर बाबा मुक्तेश्वर नाथ स्थान में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, कमल फूल के काँवर और माला से की गई विशेष पूजा
मधुबनी, अंधराठाढ़ी | सावन माह की पहली सोमवारी के अवसर पर अंधराठाढ़ी प्रखंड के देवहार गाँव स्थित बाबा मुक्तेश्वर नाथ स्थान में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में बाबा के दर्शन एवं पूजन हेतु मंदिर प्रांगण में जुटने लगे।

इस अवसर पर भक्तों ने विशेष रूप से कमल फूल के काँवर और माला चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। ग़नौली गाँव से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु काँवर लेकर जयकारा करते हुए मंदिर पहुँचे और बाबा मुक्तेश्वर नाथ के समक्ष वर्तमान समय में व्याप्त त्रासदी को दूर करने तथा वर्षा की कामना हेतु प्रार्थना की।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, जब-जब क्षेत्र में प्राकृतिक संकट या वर्षा की कमी जैसी परिस्थिति उत्पन्न होती थी, तब पूर्वज इसी स्थान पर कमल के फूलों से बाबा की आराधना करते थे। मान्यता है कि बाबा भक्तों की पुकार सुनते थे और शीघ्र ही क्षेत्र में मूसलाधार बारिश होती थी।

श्रद्धालुओं का कहना है कि इस परंपरा और आस्था को जीवित रखते हुए इस बार भी उसी पद्धति से बाबा की आराधना की जा रही है। सभी को विश्वास है कि बाबा इस बार भी अपनी कृपा बरसाएंगे और क्षेत्र में वर्षा अवश्य होगी।
पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति गीत, भजन और धार्मिक अनुष्ठान का माहौल बना रहा। श्रद्धालु नियमपूर्वक पूजा कर, त्रासदी से मुक्ति की कामना के साथ घर लौटे। मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाद और सुरक्षा की भी समुचित व्यवस्था की गई थी।
इस श्रद्धा और आस्था का प्रतीक यह आयोजन एक बार फिर यह साबित करता है कि कठिन समय में जनमानस अपने विश्वास और परंपरा की ओर लौटकर समाधान की आशा करता है।