“मिथिला अस्मिता बचाओ” महापंचायत में बिस्फी विधायक के बयान की तीव्र निंदा, माफी की मांग।
मधुबनी संवाददाता
बिस्फी (मधुबनी):-

विश्वविख्यात महाकवि विद्यापति की भूमि, विद्यापति डीह, बिस्फी में आज “मिथिला अस्मिता बचाओ” महापंचायत का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक सभा की अध्यक्षता बिस्फी के पूर्व उप प्रमुख भोला यादव ने की, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों और सैकड़ों स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
महापंचायत में बिस्फी विधायक हरिभूषण ठाकुर द्वारा मिथिला राज्य और मैथिली आंदोलन से जुड़े संगठनों पर मुस्लिम शासन स्थापित करने के कथित आरोपों पर तीव्र नाराजगी व्यक्त की गई। वक्ताओं ने इसे अमर्यादित, निंदनीय और मिथिला की अस्मिता पर हमला बताया।
मैथिल समाज रहिका के महासचिव प्रो. शीतलांबर झा ने कहा, “हरिभूषण ठाकुर ने आठ करोड़ मिथिलावासियों का अपमान किया है। मिथिला तो स्वयं आदिकालीन देश रहा है, जहाँ राजा जनक, माता सीता, भगवान गणेश, लव-कुश, हनुमान, राजा सलहेस, मंडन मिश्र, कालिदास, अयाची मिश्र, विद्यापति जैसे विभूतियों ने जन्म लिया। विधायक ने हमारे इतिहास और गौरव का अपमान किया है।”
उन्होंने आह्वान किया कि बिस्फी और मधुबनी के नागरिकों को विधायक से यह पूछना चाहिए कि मिथिला का अपमान करने का अधिकार उन्हें किसने दिया।
मिथिला स्टूडेंट्स यूनियन के प्रदेश महासचिव प्रियरंजन पांडेय ने कहा कि जब तक विधायक अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगते, तब तक ज़िले भर में महापंचायतों का आयोजन कर उनके ‘वास्तविक चेहरे’ को जनता के सामने लाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक को मिथिला के इतिहास की कोई जानकारी नहीं है।
कार्यक्रम में मिथिलांचल सर्वांगीण संस्थान के अध्यक्ष अमरनाथ झा भोलन, विद्यापति स्मारक समिति के अध्यक्ष चंदेश जी, बिस्फी के उप प्रमुख मो. इशरायल, विशुनदेव यादव, मुखिया बशिष्ठ नारायण झा, मिथिला मैथिली अभियानी जटाधार पासवान, मनोज झा, ललन कुमार झा, हंस कुमार ठाकुर, निर्भय कांत चौधरी, राघवेन्द्र रमन, अरुण यादव सहित कई वक्ताओं ने अपनी बातें रखीं।
राजनीति रंजन मिश्र और उनके आधा दर्जन कलाकारों ने मिथिला संगीत की प्रस्तुति से आयोजन को सांस्कृतिक रंग दिया। संचालन छात्र नेता विजय श्री टुन्ना ने किया।
इस महापंचायत में बिस्फी के सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर मिथिला की अस्मिता के पक्ष में एकजुटता का प्रदर्शन किया।