जिला पदाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने संभावित बाढ़ से निपटने हेतु जिला नियंत्रण कक्ष का किया गठन

Madhubani:-
बताते चले कि जिला पदाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा ने जानकारी दिया कि संभावित बाढ़ से निपटने हेतु जिला नियंत्रण कक्ष का गठन किया गया है। आगे बताते हुए कहा –

नियंत्रण कक्ष दिनांकः 15.06.2024 से 31.10.2024 तक 24×7 के लिए किया गया है गठित जिसका जिला नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्याः 06276-222576 है।

मधुबनी जिला में संभावित बाढ़ से निपटने हेतु जिला स्तर पर जिलाधिकारी, अरविन्द कुमार वर्मा के द्वारा जिला नियंत्रण कक्ष का गठन समाहरणालय स्थित जिला सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय, मधुबनी में किया गया था। नियंत्रण कक्ष का उद्देश्य इमरजेंसी सपोर्ट फंक्शन को ध्यान में रखकर किया गया है। जिसके माध्यम से प्रभावितों को त्वरित गति से सहायता एवं क्षति को कम करने का कार्य किया जाना है। इमरजेंसी कमांड सिस्टम के माध्यम से प्रखंड एवं अनुमंडल में स्थापित सभी बाढ़ नियंत्रण कक्ष के साथ जिला नियंत्रण कक्ष का समन्वय स्थापित रहेगा। आपदा से संबंधित सभी सूचनायें यथाः- चेतावनी प्रसारण, खोज एवं बचाव कार्य, तथा सूचनाओं का आदान-प्रदान का कार्य क्षति को कम-से-कम करने के उद्देश्य से किया जायेगा। नियंत्रण कक्ष दिनांकः 15.06.2024 से 31.10.2024 तक के लिए गठित किया गया है। इस नियंत्रण कक्ष का दूरभाष संख्या-06276-222576 है।

जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी पदाधिकारी के रूप में श्री परिमल कुमार, उप निदेशक, जनसम्पर्क-सह- प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन रहेगें, साथ ही प्रभारी पदाधिकारी के सहायता में आशीष कुमार, कनीय अभियंता (संविदा), बाढ़ नियंत्रण प्रमण्डल-1, झंझारपुर, उपस्थित रहेंगें।

इस नियंत्रण कक्ष के वरीय प्रभारी पदाधिकारी के रूप में संतोष कुमार, अपर समाहर्त्ता,आपदा प्रबंधन, मधुबनी रहेगें।

उन्हें भी नियमित रूप से इस बाढ़ नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण करते रहने का निदेश दिया गया है, ताकि सभी प्रतिनियुक्त कर्मचारी / पदाधिकारी नियमित रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।इस कार्य हेतु समूह में चार-चार कर्मियों के दल का गठन किया गया है, जिसमें सभी कोटि के पदाधिकारी एवं कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है।

जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष हेतु समूह का गठन चार समूहों में 15.06.2024 से 31.10.2024 तक के लिए किया गया है। जिसमें दिन के अनुसार रेंडमली कार्य अवधि निर्धारित किया गया है।

जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी, पर्यवेक्षक, कर्मचारी एवं कार्यालय परिचारी को कार्यों का सम्पादन निर्धारित दिन एवं समय पर करने तथा जबतक नये दल के सदस्य अपने कर्तव्य पर पहुंच नहीं जाते है नियंत्रण कक्ष में बने रहने का निदेश दिया है। ताकि नियंत्रण कक्ष किसी भी समय खाली नहीं रहे।

नियंत्रण कक्ष का दायित्व होगा कि प्रत्येक दिन सभी अंचलों से प्राप्त सूचनाओं को संग्रहित कराकर प्रतिवेदन प्रभारी पदाधिकारी, जिला आपदा प्रबंधन शाखा, मधुबनी के माध्यम से अपर समाहर्ता, मधुबनी को समर्पित करेंगें, ताकि ससमय समेकित प्रतिवेदन अधोहस्ताक्षरी एवं विभाग को प्राप्त हो सके। प्रत्येक समूह के क्रमांक-01 पर अंकित कर्मी उक्त समूह के प्रभारी होंगे। प्रत्येक समूह में चार सदस्य होगें। दल सं० :1. श्री विक्रम कुमार, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी, दल सं०-2. कुमार सौरभ, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी, दल संख्या:03. राजेश रंजन, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी,दल संख्या-4. सुजीत कुमार, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी को संबंधित दल का प्रभारी बनाया गया है।
जिला नियंत्रण कक्ष में दूरभाष, लेखन सामग्री, प्रकाश एवं पेयजल की व्यवस्था आदि की नियमित आपूर्ति एवं व्यवस्था हेतु जिला नजारत उप समाहर्ता, मधुबनी को निदेश दिया गया है।

जिला बाढ नियंत्रण कक्ष के द्वारा मुख्य रूप से जिला सांख्यिकी कार्यालय से प्रत्येक दिन 10:00 बजे सुबह में वर्षापात सम्बन्धी प्रतिवेदन प्राप्त कर उसे वर्षापात पंजी में अंकित करते हुये प्रभारी पदाधिकारी के समक्ष उपस्थापित करने,

प्रभावित क्षेत्र का पंचायतवार एवं ग्रामवार विशेष रंग से अंकन साथ ही उसमें नदी तटबंध, सड़क, चिकित्सा केन्द्र, पशु चिकित्सा केन्द्र,सहाय्य केन्द्र एवं सुरक्षित आश्रय स्थल का जिक निश्चित रूप से करने,
सभी सम्बन्धित पदाधिकारी अपने कार्यालय के बाढ़ नियंत्रण कक्ष में स्थानीय स्वंयसेवी संस्था (NGOs), आपदा प्रबंधन के स्वयंसेवक (आपदा मित्र) एवं विभिन्न कार्यदल के प्रतिनिधि (Village Level Task Force Member) तथा स्थानीय पंचायत राज प्रतिनिधि (PRIS) का मोबाईल नम्बर एवं विवरणी रखेंगे तथा विषम परिस्थिति में उनका सहयोग भी प्राप्त करेगें।
सभी सम्बन्धित पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को निदेश दिया गया है कि वे सभी आदेश एवं निदेश का अनुपालन दृढतापूर्वक करें, किसी भी स्तर पर शिथिलता सम्बन्धित पदाधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेवारी समझी जायेगी एवं उनके विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत नियमानुकूल कार्रवाई की जायेगी।

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