मिथिला के चहुंमुखी विकास हो जैसे विषय को लेकर मां चामुण्डा स्थान पचही मधेपुर में मिथिला वाहिनी की बैठक स्थानीय लोगों के साथ की गई

Madhubani:-

मिथिला वाहिनी गुलाबीमय मिथिला अभियान के माध्यम से लगातार लोगों को जागरूक करने का प्रयास कर रही है जिससे मिथिला के चहुंमुखी विकास का मार्ग प्रशस्त हो।

इसी क्रम में मां चामुण्डा स्थान पचही मधेपुर में मिथिला वाहिनी की बैठक स्थानीय लोगों के साथ की गई जिसकी अध्यक्षता मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री राकेश झा जी ने किया। बैठक में मिथिला वाहिनी के संस्थापक सह मुख्य संरक्षक श्री मिहिर कुमार झा महादेव भी उपस्थित हुए। श्री मिहिर झा जी ने उपस्थित सभी लोगों को मिथिला वाहिनी के कार्य और उद्देश्यों से अवगत कराया साथ ही लोगों को जानकारी दी की मिथिला वाहिनी मिथिला के धरोहरों, संस्कृति और भाषा के संरक्षण और संवर्धन हेतु कृत संकल्पित है और संगठन के सहयोगी, कार्यकर्ता सब इस दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मां चामुण्डा स्थान पचही बहुत ही भव्य और दिव्य स्थान है जहां पर मां चामुण्डा, मां मंगला ,मां दुर्गा तीनो ही पिण्डी रुप में विराजमान है।अगल बगल के सैकड़ों गांवों में यह स्थान बड़ा ही महत्व रखता है लेकिन इस स्थान के महत्व की जितनी जानकारी लोगों को होनी चाहिए उतनी अब तक नहीं हो पाई है जो बहुत ही शोचनीय विषय है और इसमें जनप्रतिनिधि निश्चित रूप से दोषी हैं। उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि वे लोग मिथिला वाहिनी के गुलाबीमय मिथिला अभियान से जुड़ें और हम सब मिलकर इस स्थान को पर्यटन स्थल के रुप में मान्यता मिले और विभाग तथा सरकार के द्वारा यहां पर्यटकों को हर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो इसके लिए सरकार सहित विभाग पर दबाव बनायेंगे। उन्होंने कहा कि यह स्थान पहले से गुलाबीमय बना हुआ है और यहां आने पर मुझे भी काफी प्रसन्नता हुई है और मन के अंदर यह विश्वास जागृत हुआ है कि यहां से मां चामुण्डा देवी के आशीर्वाद और कृपा से मिथिला वाहिनी के कार्यों और उद्देश्यों को पूरा करने में और गति आएगी तथा उर्जा के साथ शक्ति मिलेगी। उन्होंने यहां सभी जगह लिखावट में मैथिली भाषा के प्रयोग पर समिति के प्रति आभार व्यक्त किया तथा प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मिथिला के अन्य धार्मिक सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों पर भी इसी तरह से मैथिली भाषा का उपयोग होना चाहिए। मिथिला वाहिनी इसके लिए भी अपने स्तर पर प्रयास कर रही है। क्योंकि भाषा से ही वहां की संस्कृति जीवंत रहती है। बैठक में तांत्रिक सह विद्वान पंडित पुरुषोत्तम झा द्वारा इस स्थान के बारे में पूरी जानकारी दी गई कि यह स्थान सिद्ध पीठ के रूप में प्रसिद्ध है तथा शाक्त विचारधारा और तंत्र विद्या से संबंध रखने वाले लोग पूरे भारत वर्ष के यहां से जुड़ें हुए है। उन्होंने वहां बगल में स्थित जलाशय तथा मंदिर प्रांगण में स्थित वृक्षों के बारे में अद्भुत जानकारियां दी।

वहीं समिति के अध्यक्ष श्री राकेश झा जी ने इस प्रसिद्ध स्थान पर मिथिला वाहिनी के संस्थापक सह मुख्य संरक्षक श्री मिहिर कुमार झा महादेव के आने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मिथिला वाहिनी के कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का अभिवादन किया तथा मिथिला वाहिनी के उद्देश्य और कार्यों से प्रभावित हो संगठन से जुड़ मिथिला के हित में कार्य करने की इच्छा जताई। बैठक में श्री शक्ति ठाकुर, पुजारी श्री अरुण झा जी, राम-लखन महतो, रामविलास महतो,टंकनाथ झा, नारायण झा, राघव झा, राहुल झा सहित अन्य कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित थे।

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