Madhubani :- जिले भर के विभिन्न चैत्री दुर्गा मंदिर में रविवार को गाजे बाजे के साथ बेलनौती करने वेलवृक्ष के पास पहुंचकर बेल न्यौता गया।बेलनौती की कार्यक्रम मे लोगो बढ़चढ़ कर भाग लिया।

ऐसी मान्यता है कि बेल के पेड़ में जोड़ा बेल को ढूंढ कर उस बेल के पास ढोल नागारे के साथ डोली ले कर पहुंचते हैं। विधि विधान से मैया की पूजा आरती कर उस जोड़ा बेल में पीला कपड़ा बांधा जाता है। जो मैया के निमंत्रण का प्रतिक है। इस दौरान श्रद्धालु मैया के कार्यक्रम में गाजे बाजे व अपने घर के ढोलक, घंटी, झाल लेकर मैया की यात्रा में शामिल हुए। वही आज सुबह बेलतोड़ी के साथ मां के मंदिर का पट खुलेगा। इसके साथ बीते छ दिनों से श्रद्धालुओ का मां के दर्शन का इंतजार खत्म होगा। नवरात्रि की षष्ठी तिथि देवी कात्यायनी को समर्पित है। इसलिए रविवार को मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा की गई। माता का ये स्वरूप संयम और साधना का प्रतीक है। मां कात्यायनी का स्वरूप चमकीला और तेजमय है। मां कात्यायनी की पूजा करने से भक्तों को आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां कात्यायनी महर्षि कात्यायन की पुत्री के रूप में जानी जाती हैं। मां दुर्गा के इस स्वरूप की पूजा और कुछ उपाय करने से जीवन में आ रही सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं। श्री श्री 108 चैती नव दुर्गा पूजा समिति .सुड़ी हाई स्कूल महादेव मंदिर की ओर से इस साल अपना 41 वां पुजनोत्सव मना रही है। समिति के अध्यक्ष सह व्यवस्थापक सतीश कुमार महथा ने बताया की बेलनोती में हमारे समिति के मेला प्रभारी दिनेश पंजियार, सचिव घनश्याम पंडित व कोषाध्यक्ष देबू नायक सहित स्थानीय लोग काफी बढचढ कर हिस्सा लिए है।