Madhubani:-

हर वर्ष की भांति इस बार भी मिथिला वाहिनी द्वारा मिथिला के प्रसिद्ध एतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थल सौराठ सभा गाछी में मिथिला के विभिन्न एतिहासिक धार्मिक सांस्कृतिक विरासत और स्थलों का किस तरह से संरक्षण और संवर्धन हो तथा इन सबको पर्यटन स्थल के रुप में मान्यता मिले जिससे दुर दराज के लोग यहां आये और मिथिला के प्रति अन्य राज्यों एवं देश के लोगो का आकर्षण हो और पर्यटकों की संख्या इस क्षेत्र में बढ़ें इन सब विषयों को लेकर विचार गोष्ठी सह चुड़ा दही चीनी कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता मिथिला वाहिनी के संस्थापक सह मुख्य संरक्षक श्री मिहिर कुमार झा महादेव ने किया। उन्होंने बताया कि मिथिला श्रेत्र में इतने पर्यटन स्थल होने के बावजूद सरकार तथा विभाग इस दिशा में ध्यान नहीं दे रही है जो कि निंदनीय और दुखद है। मिथिला वाहिनी इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है और सरकार तथा राजनेताओं की कुंभकर्णी नींद को जगाने के साथ ही आम जन को जगाने का प्रयास कर रही है।उसी क्रम में प्रसिद्ध सौराठ सभा गाछी में आज यह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों का अभिवादन करते हुए कहा कि सौराठ सभा गाछी मैथिल ब्राह्मणों के लिए एक महत्वपूर्ण शक्ति स्थल है इसलिए मैथिल ब्राह्मणों को विशेष कर युवाओं को इसके उत्थान और प्रचार प्रसार के लिए आगे आना होगा।यह खुशी को बात है कि इस बार बेगुसराय, लक्खीसराय, दरभंगा सहित कुछ स्थानीय वर पक्ष वर को लेकर विवाह हेतु सभा गाछी पहुंचे थे।

कार्यक्रम में अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। जिसमें प्रमुख रूप से श्री विनायक झा,श्री ललन झा,सुधीर झा, मुकेश कुमार झा, सुमित मिश्र,विभाकर झा लालटुन, वंशीधर झा, अंकित झा,शंभुनाथ झा, सहित अन्य कार्यकर्ता सहयोगी और अन्य जिलों से आए लोग थे। वहीं सौराठ सभा गाछी में श्री शंभुनाथ झा पंडा द्वारा रामायण पाठ सेहो कायल जा रहल अछि।